Friday, February 03, 2017

क्या है मानव | A Poem On Real Human Life In Hindi

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मानव का जीवन संघर्षों से भरा हुआ है | इस संसार में जन्में हुए हर प्राणी को कठिनाईयों से गुजरना पड़ता है | हमें क्या करना है और कैसे करना है यही हमारे जीवन की परीक्षा है |इस छोटी सी कविता के माध्यम से मैं आप लोगों को यह अवगत कराना चाहती हूँ कि संघर्ष ही जीवन है |

what is a humen



मानव भी क्या मानव है,
खुद ही संभालता अपना जीवन है |
दुखों से भरा उसका यौवन है,
कष्ट झेलता वो मन जौहर है |

संताप नहीं उसके मन में,
चेहरा तम से है भिचा हुआ
जीने की लालसा के भय से
दुनियां से आज अभीप्सित हुआ |

जीवन की मधुशाला में,
अनगिनत कोपल है खिले हुए |
इस सिन्धु की चौपाटी में
धवल दीप हैं सजे हुए
अमोल है पर  लाचार है
पर क्या करें बेसहारा आज कारगुजार है |

आँखे धसीं महिमा गाती
पर ईश्वर का शुक्र अदाकार है |
प्रज्वलित मन वो संतोषी है
नहीं दाना वरन कोशी है
भेंट बांटता औरों को
पर उसका जीवन परितोषी है,
यही अनन्य भक्त ईश्वर का,
फूल कांटे बांटता हुआ,
झुकी कमर बादल बरसाता
दुनियां से आज निष्कासित हुआ |

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